पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व पर कानूनी गाज गिरनी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उनके भतीजे और टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें भी बेहद बढ़ गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके विवादित ‘डीजे’ वाले बयान के मामले में शुक्रवार दोपहर राज्य की खुफिया जांच एजेंसी सीआईडी (CID) की टीम सीधे उनके कालीघाट स्थित पटुआपारा आवास पर पहुंच गई। हालांकि, जब जांच अधिकारी उनके घर पहुंचे, तो अभिषेक बनर्जी वहां मौजूद नहीं थे। इसके चलते अधिकारी फिलहाल उन्हें सीधे नोटिस नहीं थमा पाए हैं और सीआईडी की टीम उनके घर के बाहर इंतजार कर रही है। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक जनसभा के मंच से अभिषेक बनर्जी ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विरोधियों को चुनौती देते हुए एक ऐसा बयान दिया था, जिस पर भारी सियासी बवाल मचा था। अभिषेक ने कहा था:”जिन लोगों ने बंगाल को वंचित किया है, हमें (राशन और बकाये के लिए) लाइनों में खड़ा किया है, हमें ‘बांग्लादेशी’ कहकर कलंकित किया है… याद रखें, 4 तारीख को नतीजों के दिन रबींद्र संगीत के साथ थोड़ा हल्का ‘डीजे’ भी बजेगा। रबींद्र संगीत तो हर बार बजता है, लेकिन इस बार जो लोग ज्यादा उछल-कूद कर रहे हैं, उनके लिए हल्का डीजे भी बजेगा। हमारी शालीनता को हमारी कमजोरी मत समझिए।” अभिषेक बनर्जी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था। तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष (और वर्तमान मुख्यमंत्री) सुवेंदु अधिकारी ने इस टिप्पणी की तीखी आलोचना करते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। सुवेंदु अधिकारी का दावा था कि ‘डीजे बजाने’ की आड़ में अभिषेक बनर्जी असल में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई भीषण चुनावी हिंसा (Post-Poll Violence) की यादों को ताजा कर रहे थे और अपने कार्यकर्ताओं को नतीजों के बाद विरोधियों पर हमला करने के लिए उकसा रहे थे। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद, बागुईआटी के रहने वाले राजीव सरकार नामक एक नागरिक ने अभिषेक बनर्जी के इस बयान के खिलाफ विधाननगर साइबर क्राइम थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। स्थानीय पुलिस इस मामले की प्राथमिक जांच कर रही थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को ही इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच का जिम्मा सीआईडी (CID) को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी डिजिटल दस्तावेज, फेसबुक वीडियो लिंक और अन्य तकनीकी सबूत राज्य खुफिया विभाग के सुपुर्द कर दिए हैं। केस हाथ में लेते ही सीआईडी एक्शन मोड में आ गई और शुक्रवार दोपहर करीब 4:30 बजे अधिकारियों का एक दल पटुआपारा पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी के पहुंचने से ठीक एक घंटे पहले यानी दोपहर 3:30 बजे अभिषेक बनर्जी अपने घर से निकल गए थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे स्थिति पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी के आवास पर गए हैं। फिलहाल जांच अधिकारी नोटिस तामील कराने के लिए उनके आवास के बाहर डटे हुए हैं।

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