भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक श्लोक भी शेयर किया। पीएम मोदी ने लिखा निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के प्रखर विचार, आदर्श और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक महान देशभक्त, विद्वान और दूरदर्शी राजनेता थे, जिन्होंने भारत के विकास और राष्ट्रीय एकता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में संस्कृत का प्रसिद्ध श्लोक भी साझा किया—

“न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”

इस श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि अमरत्व केवल कर्म, धन या वंश से नहीं, बल्कि त्याग और उच्च आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है। जो लोग राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग करते हैं, वे जनमानस में सदैव अमर बने रहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में डॉ. मुखर्जी का साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय हित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने कहा था कि योग आज दुनिया भर में करोड़ों लोगों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें सकारात्मक और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा भी दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *