दुनियाभर की कई जगहें गुरुवार  (25 जून) को भूंकप के झटकों से थर्रा गई हैं. एक तरफ वेनेजुएला और जापान में आए तेज भूकंप ने तबाही मचाई है तो वहीं, भारत के भी कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय क्षेत्र में अलग-अलग तीव्रता के झटके रिकॉर्ड किये गए हैं. राहत की बात रही कि किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, लोग सहम गए और घरों से बाहर भागे. NCS के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 25 जून को तड़के सुबह 2:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किये गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई. भूकंप का केंद्र पुलवामा क्षेत्र के पास 33.913° उत्तर अक्षांश और 75.095° पूर्व देशांतर पर था और जमीन से इसकी गहराई लगभग 15 किलोमीटर नीचे थी. रात में आए इस झटके से कुछ लोग डर से घरों से निकल गए. हालांकि, किसी जान-माल के नुकसान की कोई खबर अभी तक नहीं है.  इससे पहले 24 जून की रात 12:34 बजे असम के गोलपाड़ा जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.7 मापी गई. इसका केंद्र गोलपाड़ा क्षेत्र के पास था, जिसकी जमीन से गहराई 12 किलोमीटर नीचे थी. राहत की बात ये रही कि इस भूकंप से  किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ. 24 जून को ही मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में सुबह 8:08 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 2.9 मापी गई. कम तीव्रता होने के कारण अधिकतर लोगों को झटके महसूस नहीं हुए.  विशेषज्ञों के अनुसार,  जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील इलाकों में आते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन इलाकों में इंडियन टेक्टोनिक प्लेट उत्तर की ओर खिसकता है और यूरेशियन प्लेट से लगातार टकराता है, जिससे समय-समय पर छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं.  इंडियन टेक्टोनिक प्लेट हर साल करीब 50 मिलीमीटर (5 सेंटीमीटर) की गति से आगे बढ़ता है और इसके लगातार  यूरेशियन प्लेट से टकराने के कारण दोनों प्लेटों के बीच दबाव की स्थिति बनी रहती है. दबाव जब दबाव बढ़ जाता है तब ये भूकंप के रूप में बाहर निकलता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *