कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की छत के ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। राहत कार्य जारी है। वहीं इस घटना में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इसमें गोदाम का मालिक शंभु  बेहरा भी शामिल है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मृतकों के स्वजन को दो लाख तथा घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस घटना में 20 लोग जख्मी हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज विधानसभा में राज्य की ओर से मुआवजा राशि की घोषणा करेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष से निर्माणाधीन इस गोदाम की छत बुधवार दोपहर 12:07 बजे अचानक ढह गई। हादसे के समय वहां करीब 40 श्रमिक काम कर रहे थे। मलबे के नीचे अभी भी 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 20,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस गोदाम के भीतर कोई अलग दीवार या कमरा नहीं था, जिसके कारण पूरी संरचना एक साथ ढह गई। अतिरिक्त भार के दबाव में लोहे के बीम भी कई स्थानों पर मुड़ गए। घटनास्थल पर सिविल डिफेंस, सेना, एनडीआरएफ, दमकल और कोलकाता पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। भारी कंक्रीट ढांचे और लोहे की बीमों को हटाने के लिए कई क्रेन तथा 50 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेन लगाई गई हैं। घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो की हालत नाजुक है। मृतकों के नाम कृष्णा चौधरी, रोहित चौधरी व राहुल चौधरी है। दो के नाम का अभी पता नहीं चल पाया है। बचावकर्मियों को मलबे के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई देने की भी जानकारी मिली। पुलिस ने लापता लोगों की तलाश के लिए स्निफर डाग की भी मदद ली। फंसे हुए श्रमिकों तक पानी और आक्सीजन पहुंचाई गई है प्रशासन ने रातभर बचाव अभियान जारी रखा। इसके लिए बड़े जेनरेटर, अस्थायी मेडिकल कैंप और अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। इस बीच स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि निर्माणाधीन गोदाम का ढांचा बुधवार सुबह से ही हिल रहा था। श्रमिकों ने इसकी स्थिति की जांच करने का प्रयास किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोहे के बीमों समेत लगभग पांच मंजिला ऊंची पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार, श्रमिक सप्लायर मोहम्मद अताउल व सुभाष चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। गोदाम के ठेकेदार मोहम्मद असगर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कल विधानसभा में हादसे को लेकर मुआवजे व कार्रवाई की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन गोदाम की भवन योजना में गंभीर खामियां थीं। प्रारंभिक जांच में कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अभियंताओं ने योजना को दोषपूर्ण बताया है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद गोदाम के मालिकों बेहरा ब्रदर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस भवन की योजना को इसी वर्ष 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी। गोदाम में चाय पत्ती के भंडारण तथा पैकेजिंग का कार्य होता था। गोदाम मालिक ने इसे 30 वर्षों की लीज पर कोलकाता पोर्ट से लिया था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि केएमसी क्षेत्र के सभी निर्माणाधीन वाणिज्यिक भवनों में कार्य 31 जुलाई तक स्थगित रहेगा। इस अवधि में ममता बनर्जी के शासनकाल की भवन योजनाओं और स्थल योजनाओं का आडिट किया जाएगा तथा मौके पर निरीक्षण होंगे। जिन परियोजनाओं के दस्तावेज और अनुमतियां सही पाई जाएंगी, उन्हें एक अगस्त से काम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। हादसे के बाद पूर्व मेयर फिरहाद हकीम को घटनास्थल से करीब 100 मीटर पहले ही लौटना पड़ा। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और संभावित हंगामे की आशंका को देखते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। बताया जा रहा है कि इससे पहले घटनास्थल पर पहुंचे 80 नंबर वार्ड के पूर्व तृणमूल पार्षद अनवर खान को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा उन्हें वहां से लौटने के लिए मजबूर किया गया।

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