दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। राजधानी कराकस समेत कई शहरों में इमारतें ढह गईं, एयरपोर्ट बंद करना पड़ा और बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहले 7.2 तीव्रता और फिर करीब 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया, जिससे व्यापक नुकसान की आशंका जताई गई है। भूकंप का केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में था। तेज झटकों के बाद कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई स्थानों पर इमारतों के गिरने की खबरें सामने आई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आपातकालीन टीमें लगातार काम कर रही हैं। USGS ने प्रारंभिक आकलन में बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है। हालांकि अभी आधिकारिक मृतकों की संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रभावित क्षेत्रों में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। कई लोग अब भी मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया है। सरकार ने स्कूलों को बंद रखने, गैर-जरूरी गतिविधियों पर रोक लगाने और अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। कराकस के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। भूकंप के बाद कई देशों ने वेनेजुएला को सहायता की पेशकश की है। अमेरिका ने भी राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग देने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे। जैसे-जैसे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचेंगे, नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल पूरा देश भूकंप के इस बड़े संकट से उबरने की कोशिश कर रहा है।
