पश्चिम बंगाल के दीघा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष रथयात्रा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद आयोजित हो रही पहली रथयात्रा में आम श्रद्धालुओं को भी रथ की रस्सी खींचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन का उद्देश्य इस बार रथयात्रा को अधिक समावेशी और भक्तों के लिए खुला बनाना है। पिछले वर्ष रथ की रस्सी केवल सीमित वीआईपी मेहमानों तक ही रही थी, जिसके बाद ‘VIP संस्कृति’ को लेकर काफी आलोचना हुई थी। इस बार प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम भक्तों को भी रथयात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। रथयात्रा से पहले तीनों रथों की मरम्मत, रंग-रोगन और तकनीकी जांच पूरी की जा रही है। प्रशासन द्वारा ट्रायल रन भी कराया जा रहा है, ताकि आयोजन के दिन किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी न आए और यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है। प्रशासन का कहना है कि रथयात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लक्ष्य यह है कि हर श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में भाग ले सके।

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