मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज एक बार फिर उत्तर बंगाल के दौरे पर आ रहे हैं। दो महीने के भीतर यह उनका तीसरा दौरा होगा। शुक्रवार को वे सिलीगुड़ी पहुंचेंगे और उत्तरकन्या में प्रशासनिक बैठक कर उत्तर बंगाल के आठ जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। बैठक दोपहर दो बजे शुरू होने वाली है। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता लौट जाएंगे। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी के प्रशासनिक अधिकारी बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। जबकि उत्तर बंगाल के अन्य जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और कुछ मंत्रियों के भी आने की संभावना है। राज्य के वित्त राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन ने बताया, “हमारी सरकार उत्तर बंगाल को कितना महत्व देती है, यह मुख्यमंत्री की प्रशासनिक पहल से स्पष्ट है। उत्तर बंगाल अब उपेक्षित नहीं रहेगा।” प्रशासन को मुख्यमंत्री के दौरे की जानकारी गुरुवार को ही मिली, जिसके बाद दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के अधिकारी तत्काल उत्तरकन्या पहुंचकर बैठक की तैयारियों में जुट गए। नौ मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने पहली बार 20 मई को उत्तर बंगाल का दौरा किया था, जहां उत्तरकन्या में जिला प्रशासन के साथ बैठक में प्राकृतिक आपदाओं पर विशेष चर्चा हुई थी। इसके बाद 16 जून को वे कर्सियांग में जनकल्याण शिविर में शामिल हुए थे। शुक्रवार का दौरा दो महीने के भीतर उनका उत्तर बंगाल का तीसरा दौरा होगा। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के 3 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सिलीगुड़ी दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सिलिगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 2 जुलाई 2026 को जारी किया गया। पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार बागडोगरा एयरपोर्ट (एयर फोर्स स्टेशन) के पांच किलोमीटर के दायरे तथा उत्तरकन्या और उसके आसपास के क्षेत्रों को 3 जुलाई 2026 के लिए नो-ड्रोन ज़ोन और नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है। यह प्रतिबंध सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। सिलिगुड़ी के पुलिस आयुक्त एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट सैयद वक़ार रज़ा (IPS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि वीआईपी सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि पश्चिम बंगाल के सुरक्षा निदेशालय से मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की सूचना मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया। इससे पहले जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप वीआईपी दौरे के दौरान नो-ड्रोन और नो-फ्लाई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ड्रोन उड़ाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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