पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित बारूईपुर नाबालिग गैंगरेप और हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल (Pravash Mondal) के पुलिस एनकाउंटर मामले में नित नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) द्वारा सीन रीक्रिएशन (Crime Scene Reconstruction) के दौरान हुई इस मुठभेड़ में शामिल जांबाज पुलिस अधिकारियों की प्रोफाइल और उस रात की पूरी इनसाइड स्टोरी सामने आ गई है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में शामिल दोनों अधिकारी बेहद अनुभवी और अपराध शाखा के विशेषज्ञ माने जाते हैं:
- अर्घ्य मंडल (Arghya Mondal): प्रभास मंडल पर जवाबी फायरिंग करने वाले अर्घ्य मंडल 2014 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह बारुईपुर थाने की गुंडा दमन शाखा के प्रभारी (PC In-Charge) के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह जयनगर, सोनारपुर और कुलतली जैसे संवेदनशील थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह बारुईपुर एसओजी (SOG) के इंचार्ज भी रह चुके हैं।
- रनी सरकार (Roni Sarkar): रनी सरकार वर्तमान में कैनिंग थाना पुलिस सर्किल की गुंडा दमन शाखा के प्रभारी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक कांस्टेबल के रूप में की थी और अपनी योग्यता के बल पर प्रमोट होकर सब-इन्सपैक्ट (SI) बने हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जब कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी, तब रनी बकुलतला थाने के ओसी (OC) थे। वह नरेंद्रपुर, बारूईपुर और जयनगर थानों में भी काम कर चुके हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे के बाद एसआईटी (SIT) की टीम प्रभास मंडल को लेकर सूर्यपुर इलाके में घटना के पुनर्निर्माण के लिए पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद से ही प्रभास लगातार गुमराह कर रहा था और सही जानकारी नहीं दे रहा था।अचानक झपट्टा मारा: रात करीब 12:45 बजे जैसे ही सीन रीक्रिएशन का काम शुरू हुआ, प्रभास ने अचानक कैनिंग सर्किल के इंचार्ज रनी सरकार की सर्विस रिवॉल्वर पर झपट्टा मारकर उसे छीन लिया। पुलिस टीम कुछ समझ पाती, इससे पहले ही प्रभास ने रनी सरकार की पिस्टल से पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए एक राउंड गोली चला दी और भागने लगा। अपने और साथी पुलिसकर्मियों की जान को खतरे में देख, बारूईपुर गुंडा दमन शाखा के प्रभारी अर्घ्य मंडल ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी और सहकर्मियों की जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में सीधे प्रभास पर गोली चला दी।गोली लगते ही प्रभास खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत बारूईपुर सब-डिवीजनल (महकुमा) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस जघन्य मामले में पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है:
- प्रभास मंडल (एनकाउंटर में मृत)
- आनंद सरदार
- दिवाकर सरदार
- कबीर मोल्ला (इसे हाल ही में उत्तर 24 परगना के बसीरहाट से एसटीएफ और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया है)।
बारूईपुर पुलिस जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस एनकाउंटर के बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों के तहत उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विभिन्न राजनीतिक दल मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
