रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संगठन ने 8 जुलाई 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) में लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट (LRGR) पिनाका का सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने 60 किलोमीटर की न्यूनतम मारक क्षमता के साथ निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा। परीक्षण के दौरान एलआरजीआर पिनाका ने पूर्व निर्धारित उड़ान पथ का पूरी सटीकता के साथ पालन किया और लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा। रेंज में तैनात आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम और उपकरणों ने पूरी उड़ान के दौरान रॉकेट की सफल निगरानी की। लंबी दूरी के निर्देशित पिनाका रॉकेट का डिजाइन और विकास DRDO की आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE) ने उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) के सहयोग से किया है। इसके विकास में रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) और अनुसंधान केंद्र इमारत (RCI) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस उड़ान परीक्षण का समन्वय एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट (PXE) ने संयुक्त रूप से किया। रॉकेट को भारतीय सेना में पहले से तैनात पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे यह साबित हुआ कि एक ही लॉन्चर से अलग-अलग मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेटों का सफल प्रक्षेपण संभव है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण पर DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग से जुड़े सभी वैज्ञानिकों एवं टीमों को बधाई दी। उन्होंने इसे स्वदेशी रक्षा तकनीक और लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने परीक्षण की निगरानी की और इस सफलता के लिए सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा सहयोगी टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगी।

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