कोलकाता मेट्रो की महत्वाकांक्षी पर्पल लाइन परियोजना में शुक्रवार को एक बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि दर्ज की गई। टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘दुर्गा’ ने निर्माणाधीन विक्टोरिया मेमोरियल मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू किया। यह उपलब्धि मशीन द्वारा किडरपुर से 10 जुलाई 2025 को शुरू की गई भूमिगत सुरंग खुदाई के ठीक एक साल बाद हासिल की गई। TBM ‘दुर्गा’ ने जोका–एस्प्लेनेड पर्पल लाइन के तहत किडरपुर से विक्टोरिया मेमोरियल तक 1.7 किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है। इंजीनियरिंग भाषा में ब्रेकथ्रू उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जब टनल बोरिंग मशीन जमीन की अंतिम परत को काटते हुए भूमिगत स्टेशन या रिसीविंग शाफ्ट तक पहुंचती है। अब ‘दुर्गा’ मशीन को सर्विसिंग के लिए अलग किया जाएगा। इसके बाद इसे विक्टोरिया मेमोरियल से पार्क स्ट्रीट तक 900 मीटर लंबी अगली सुरंग बनाने के काम में लगाया जाएगा। पर्पल लाइन पर समानांतर सुरंग का निर्माण कर रही दूसरी TBM ‘दिव्या’ भी तेजी से काम कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ‘दिव्या’ अगस्त के पहले सप्ताह तक अपना पहला टनल ड्राइव पूरा कर सकती है। पर्पल लाइन के भूमिगत निर्माण में इस्तेमाल की जा रही दोनों TBM तमिलनाडु में तैयार की गई हैं। इनमें जर्मनी की कंपनी हेरेंकनेख्ट से आयातित आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। ये भारत की शुरुआती बड़े स्तर की मेक-इन-इंडिया टनल बोरिंग मशीनों में शामिल हैं। प्रत्येक मशीन करीब 95 मीटर लंबी और लगभग 600 टन वजनी है। इनमें सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए इंफ्लेटेबल सील, प्रेशर ट्रांसड्यूसर और टेल स्किन ग्रीस (TSG) बैकअप पंप जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं। 14 किलोमीटर लंबी जोका–एस्प्लेनेड मेट्रो लाइन के तहत फिलहाल जोका से माझेरहाट तक करीब 8 किलोमीटर का एलिवेटेड हिस्सा चालू है। वहीं, मोंमिनपुर में एक और एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण जारी है और एस्प्लेनेड की दिशा में भूमिगत कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, विक्टोरिया मेमोरियल में TBM ‘दुर्गा’ का ब्रेकथ्रू पर्पल लाइन परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। जमीन अधिग्रहण समेत कई चुनौतियों के कारण लंबे समय से प्रभावित रही इस परियोजना को अब इस उपलब्धि से नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
