महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में मोशी कचरा डिपो में बुधवार को एक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गयी. राहत और बचाव कार्य के चौथे दिन शनिवार (11 जुलाई) को मलबे से आठ शव बरामद किए गए. इसके बाद देर रात एक और व्यक्ति का शव मिला, जिससे इस घटना में मरने वालों की कुल संख्या नौ हो गई. रिपोर्टों के अनुसार खोजी दल को शनिवार रात करीब 1:00 बजे एक और व्यक्ति मिला. व्यक्ति की पहचान वामन कास्बे के रूप में हुई. उसे तुरंत पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण (YCM) अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना 8 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे हुई. मोशी कचरा डिपो में ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ प्लांट के प्रशासनिक भवन पर कचरे का एक विशाल ढेर गिर गया नतीजतन, मलबे में कुल 23 लोग फंस गए. घटना के बाद, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), फायर ब्रिगेड और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की टीमों ने युद्ध स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. घटना के बाद पांच लोग खुद ही बाहर निकल आए. इसके बाद, इंडियन आर्मी, एनडीआरएफ , पिंपरी-चिंचवड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, पीएमआरडीए फायर ब्रिगेड, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने युद्ध स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पहले ही दिन मलबे से नौ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. हालांकि, बिल्डिंग में घुसना नामुमकिन था क्योंकि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था और स्ट्रक्चर बहुत ही खतरनाक हालत में था. इसलिए, बिल्डिंग के आसपास जमा मलबे को हटाने के लिए 12 पोकलेन मशीनें, जेसीबी, डंपर और दूसरी भारी मशीनरी लगाई गई. इसके बाद, दो डेमोलिशन एक्सकेवेटर की मदद से और एनडीआरएफ की टेक्निकल गाइडेंस में बिल्डिंग के कंक्रीट सेक्शन को हटाया गया. इससे सर्च टीम बिल्डिंग में सुरक्षित घुस सकी और सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ाया. सर्च ऑपरेशन के दौरान, भावेश वाणी को सबसे पहले मलबे से निकाला गया. उन्हें तुरंत पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण (YCM) हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. अक्षय सावंत (35, मोशी), सुनील कोरके (40, आलंदी), सनी माने (39, गंधर्वनगरी, मोशी), महेश कुंभार (33, छत्रपति संभाजीनगर), नागेश गायकवाड़ (26, संजय गांधी नगर, मोशी), रंजीत पाटिल (22, मोशी), और राहुल गायकवाड़ (35, मोशी) के शव शनिवार को पूरे दिन निकाले गए. वाईसीएम हॉस्पिटल ले जाने के बाद मेडिकल अधिकारियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद रविवार तड़के चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान मलबे से वामन कस्बे का शव निकाला गया. उन्हें वाईसीएम हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. नतीजतन, इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. इस बीच मलबे में फंसे ज़्यादातर लोगों को बचा लिया गया है, और सभी घायलों और मृतकों को यशवंतराव चव्हाण (YCM) हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है. मेडिकल फॉर्मेलिटी के बाद मृतकों के शव उनके रिश्तेदारों को सौंप दिए गए. इस दुखद घटना से पूरे पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मातम छा गया है. हादसे के कारण संभावित एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जांच चल रही है. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन अपने आखिरी स्टेज में है और एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि आगे की जांच और जरूरी कार्रवाई शुरू की जा रही है.

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