ट्रॉलर से रविवार देररात चार और मछुआरों के शव बरामद किए गए। इससे पहले रविवार को पांच शव मिले थे। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि छह मछुआरे अब भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों और मछुआरों ने पूरी रात ट्रॉलर के भीतर और आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया। आशंका जताई जा रही है कि दुर्घटना के समय कुछ मछुआरे समुद्र की ऊंची लहरों में बह गए होंगे। घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। रविवार रात सुंदरबन विकास विभाग के राज्यमंत्री दीपंकर जाना घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पाथरप्रतिमा के गोवर्धनपुर कोस्टल थाना क्षेत्र के सीतारामपुर घाट पर चल रहे राहत एवं बचाव अभियान की पूरी रात निगरानी की। इस दौरान काकद्वीप महकमा प्रशासन, सुंदरबन पुलिस, गोवर्धनपुर कोस्टल थाना, वन विभाग तथा मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, दीघा के शंकरपुर बंदरगाह से दो जुलाई को ‘मा काली’ ट्रॉलर मछली पकड़ने के लिए समुद्र में निकला था। पांच जुलाई के बाद से ट्रॉलर का संपर्क टूट गया था। इसके बाद पुलिस, तटरक्षक बल, नौसेना, वन विभाग और मछुआरा संगठनों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया। उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को दक्षिण 24 परगना के बकखाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर चुलकाठी जंगल के निकट बाघेरचर इलाके में ट्रॉलर उलटी अवस्था में मिला। संयुक्त अभियान के बाद ट्रॉलर को सीतारामपुर घाट लाया गया, जहां तलाशी के दौरान एक-एक कर नौ मछुआरों के शव बरामद हुए। फिलहाल छह लापता मछुआरों की तलाश जारी है।

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