अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के कई हिस्सों में हमले किए। इस बार निशाने पर केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और संचार ढांचा भी रहा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिससे इस संघर्ष को लेकर नई घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। अमेरिका ने गुरुवार-शुक्रवार की रात ईरान के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की। यह लगातार छठी रात है जब अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस बार हमले केवल सैन्य प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि परिवहन और संचार से जुड़े कई अहम ढांचों पर भी किए गए। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के एयरपोर्ट के पास मिसाइल हमले हुए। वहीं बंदर अब्बास के रेलवे जंक्शन पर हमले में दो कर्मचारी घायल हो गए। इसी शहर में एक संचार टावर (कम्युनिकेशन टावर) को भी निशाना बनाया गया, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और कई लोग घायल हुए। इसके अलावा होरमोजगान प्रांत के बंदर खमीर के पास दो पुलों पर भी हमले की खबर है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में दो लोगों की मौत हुई जबकि चार अन्य घायल हुए। नुकसान के बाद कई प्रमुख सड़क मार्गों को बंद कर दिया गया। हमलों की आवाजें क़ेश्म द्वीप, चाबहार, बुशेहर और अहवाज सहित कई क्षेत्रों में भी सुनी गईं। ये सभी इलाके फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले कहा था कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आता, तो उसके बिजलीघरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण ढांचों को भी निशाना बनाया जाएगा। ताजा हमलों के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका अपनी रणनीति को और आक्रामक बना रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार ट्रंप आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे अमेरिका की आगे की रणनीति और नीति का संकेत मिल सकता है। ईरान ने अमेरिका के ताजा हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि नागरिक और परिवहन ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे, तो संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया में फैल सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि हालिया कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने में किया जा सकता है।

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