लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान कोलकाता और आसपास के इलाकों को आखिरकार राहत मिली है। सोमवार (20 जुलाई) दोपहर से ही शहर और उसके उपनगरों में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अलीपुर मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार (21 जुलाई) से दक्षिण बंगाल के जिलों में बारिश की तीव्रता में भारी वृद्धि होगी। कोलकाता, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, और पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर के लिए 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी प्रबल आशंका है। लगातार बारिश के चलते मध्य कोलकाता, खिदिरपुर, पार्क सर्कस और अन्य निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव (Waterlogging) की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए शहर में ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि जलजमाव वाले चौराहों पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे। ऑफिस और स्कूल से लौटने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दक्षिण बंगाल के मुकाबले उत्तर बंगाल में स्थिति और अधिक गंभीर है। मानसूनी द्रोणिका और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी से अति-भारी बारिश (7 से 20 सेमी) का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इन क्षेत्रों में भूस्खलन को लेकर भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें। वज्रपात से बचने के लिए पक्के मकानों के अंदर ही रहें। तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मछुआरों को समुद्र की स्थिति सामान्य होने तक तट पर ही रहने की हिदायत दी गई है।
