दिल्ली कैपिटल्स को उसका घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम रास नहीं आ रहा है। बीते दो मैचों में दिल्ली के साथ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है और क्रिकेट में इसे दुखदायी के साथ शर्मनाक भी कहा जाता है। बीते शनिवार को दिल्ली अपने घर में पंजाब किंग्स के खिलाफ 264 रनों का बचाव नहीं कर पाई तो आज सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ 75 रनों पर ढेर हो गई। इस आसान से टारगेट को आरसीबी ने 7.2 ओवरों में एक विकेट खोकर नौ विकेट से जीत हासिल कर लिया। एक समय तो दिल्ली का 50 रनों तक पहुंचना मुश्किल लग रहा था, लेकिन अभिषेक पोरेल ने 30 रनों की पारी खेल उसे अपने सबसे कम स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ने से बचा लिया। टारगेट ज्यादा मुश्किल नहीं था। विराट कोहली के साथ इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे जैकब बेथेल ने कोई परेशानी नहीं होने दी। दोनों ने अच्छी शुरुआत की। 11 रनों पर पहुंचते ही कोहली ने टी20 में अपने नौ हजार रन पूरे किए। इससे पहले आरसीबी ने बेथेल का विकेट खो दिया था। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर काइल जेमीसन ने उन्हें आउट किया लेकिन इसमें टी नटराजन के शानदार कैच का अहम रोल रहा। नटराजन ने पीछे भागते हुए कैच लपका। बेथेल ने 11 गेंदों पर एक चौका और दो छक्कों की मदद से 20 रन बनाए। सातवें ओवर की दूसरी और तीसरी गेंदों पर कोहली ने दो छक्के मारकर टीम को जीत दिलाई। कोहली ने 25 गेंदों पर 23 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल 13 गेंदों पर 34 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने तीन छक्कों के साथ तीन चौके मारे। इससे पहले, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की धारदार गेंदबाजी ने दिल्ली के बल्लेबाजी क्रम को पावरप्ले में ही तहस-नहस कर दिया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का आरसीबी का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ, जबकि दिल्ली की टीम घरेलू मैदान पर शुरुआती झटकों से कभी उबर नहीं सकी। दिल्ली के फैंस मैदान पर बड़े स्कोर को देखने के लिए मैदान पर आए थे, लेकिन उनकी खराब बल्लेबाजी ने दर्शकों को निराश किया। पिछले मुकाबले में पंजाब किंग्स के विरुद्ध 265 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने वाली दिल्ली की टीम इस बार बिल्कुल विपरीत अंदाज में नजर आई। पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार ने पदार्पण कर रहे सलामी बल्लेबाज साहिल परख को शानदार यॉर्कर पर बोल्ड कर दिल्ली को पहला झटका दिया। दूसरे ओवर में हेजलवुड ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से कहर बरपाया। ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने केएल राहुल को विकेटकीपर जितेश शर्मा के हाथों कैच कराया, जबकि अगली ही गेंद पर समीर रिजवी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। हेजलवुड ने दो गेंदों में दो विकेट लेकर दिल्ली के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। तीसरे ओवर में भुवनेश्वर ने ट्रिस्टन स्टब्स और कप्तान अक्षर पटेल को आउट कर दिल्ली की हालत और खराब कर दिए। अक्षर भी खाता खोले बिना लौटे। शुरुआती छह ओवरों में दिल्ली ने महज 13 रन पर छह विकेट गंवा दिए जो आईपीएल इतिहास में टीम का सबसे खराब पावरप्ले स्कोर बन गया। इससे पहले ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड 2009 में राजस्थान रॉयल्स के नाम दर्ज था। दिल्ली के तीन बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हुए, जिसने टीम की बल्लेबाजी की कमजोरी उजागर कर दी। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने पावरप्ले में तीन-तीन विकेट झटके, जबकि एक सफलता रासिख सलाम को मिली। दिल्ली के लिए अभिषेक पोरेल ने पारी को संभाला और उसे अपने सबसे कम स्कोर से पहले ऑल आउट होने से पहले ही रोक दिया। दिल्ली का आईपीएल में सबसे कम स्कोर 66 रन है। इस स्कोर को दिल्ली ने पार किया तो इसका श्रेय अभिषेक को जाता है। पावरप्ले के बाद नौवें ओवर की आखिरी गेंद पर डेविड मिलर 19 रन बनाकर आउट हो गए। काइल जेमिसन 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर क्रुणाल पांड्या का शिकार बने। उन्होंने 13 गेंदों पर 12 रन बनाए। कुलदीप यादव को 71 के कुल स्कोर पर सुयश शर्मा ने आउट किया। उनके बल्ले से तीन रन ही निकले। हेजलवुड ने अभिषेक को 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड कर दिल्ली की पारी समेट दी। आरसीबी के लिए हेजलवुड ने चार विकेट लिए। भुवनेश्वर के हिस्से तीन विकेट आए। रासिख, सुयश और पांड्या को एक-एक विकेट मिला।

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