पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में हुई एक आपदा के पीड़ितों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदमों की घोषणा की है। एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आपदा में जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों के परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को रोजगार देने से लेकर उनके बच्चों की पढ़ाई और मुफ्त इलाज तक की पूरी जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कोलकाता नगर निगम की प्रशासनिक प्रधान (पुर प्रशासक) स्मिता पांडे और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी। मुख्यमंत्री सुवेंदु  अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा, “मैं कोलकाता की पुर प्रशासक स्मिता पांडे और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को यह जिम्मेदारी दे रहा हूँ। वे दोनों यह देखेंगी कि नगर निगम के किस विभाग में काम के क्या अवसर उपलब्ध हैं। प्रभावित परिवार सीधे नगर निगम से संपर्क कर सकते हैं। स्मिता पांडे और अग्निमित्रा पॉल इस पूरे मामले को देखकर 5 से 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेंगी।” इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नौकरी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का जिक्र करते हुए कहा, “हमें आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता को भी देखना होगा। नौकरी के लिए कम से कम माध्यमिक (10वीं) पास होना जरूरी है, अन्यथा प्रशासनिक स्तर पर समस्या आ सकती है।” मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि संभव हो, तो घायलों और मृतकों के परिवार के किसी एक सदस्य को नगर निगम के किसी न किसी काम में तुरंत शामिल किया जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए हर महीने एक निश्चित राशि (मासिक भत्ता) देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। साथ ही, आपदा से प्रभावित हुए बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च भी अब राज्य सरकार ही वहन करेगी। रोजगार और आर्थिक सहायता के अलावा, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मंच से ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी को निर्देशित करते हुए कहा कि इस आपदा में जितने भी लोग घायल हुए हैं, उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। घायलों को अस्पतालों में पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सा और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी का इलाज न रुके।राज्य सरकार के इस चौतरफा राहत पैकेज और मानवीय दृष्टिकोण की हर तरफ सराहना हो रही है, जिससे आपदा पीड़ितों को नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की उम्मीद मिली है। तारातला हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने राहत और पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नवान्न में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक सौंपे और भरोसा दिलाया कि सरकार केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि रोजगार, इलाज और बच्चों की पढ़ाई तक हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। नवान्न में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्डनरीच से लेकर तारातला तक इस तरह की घटनाएं पिछली सरकार और उस समय के प्रशासनिक फैसलों की खामियों का परिणाम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत निगरानी व्यवस्था लागू करेगी। सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के आधे घंटे के भीतर दमकल विभाग ने बचाव अभियान शुरू कर दिया था। इसके कुछ ही समय बाद राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल तथा सेना भी राहत कार्य में जुट गई। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से 17 लोगों की जान बचाई जा सकी। बैठक के दौरान एक पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री से रोजगार की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थानीय नगर निकाय में दैनिक वेतन के आधार पर काम दिया जाएगा। दसवीं पास योग्य सदस्य को कोलकाता पुलिस में सिविल वॉलंटियर बनने का अवसर भी मिलेगा। साथ ही श्रम विभाग की ओर से मासिक सहायता देने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता किसी अपने को खोने का विकल्प नहीं हो सकती, लेकिन सरकार पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। घायलों के इलाज, दवाइयों और मृतकों के बच्चों की शिक्षा में आने वाली हर जरूरत का खर्च सरकार वहन करेगी। भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन विभाग को आधुनिक उपकरणों से लैस करेगी। इसके लिए आवश्यक बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है ताकि बचाव अभियान और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाया जा सके।

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