कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित धमकाने वाले बयानों से जुड़े एक मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को जबरदस्ती कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने बनर्जी को जांच में सहयोग करने और कोर्ट की इजाजत के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि TMC के राष्ट्रीय महासचिव की अंतरिम सुरक्षा की शर्तों में बदलाव की याचिका पर अगस्त में सुनवाई होगी, लेकिन कोई खास तारीख तय नहीं की। अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की इजाजत मांगी थी। इस पर जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि कोर्ट जांच चल रही होने पर याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की इजाजत देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने मौखिक टिप्पणी में कहा कि बनर्जी को सरकारी SSKM हॉस्पिटल के ऑप्थैल्मोलॉजी के हेड के सामने पेश होना चाहिए, जो तय करेंगे कि इलाज वहां हो सकता है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा कि वह TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मांगने वाली अर्जी पर एक हफ्ते के अंदर सुनवाई करे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच को बनर्जी की ओर से पेश सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने बताया कि अर्जी में TMC MP को मेडिकल मकसद से विदेश जाने की इजाजत देने के हाई कोर्ट के आदेश में बदलाव की मांग की गई है। बेंच ने कहा कि मेडिकल इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने की अर्जी हाई कोर्ट में पेंडिंग है। ऐसा लगता है कि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए, हम हाई कोर्ट से उस अर्जी पर गौर करने की रिक्वेस्ट करते हैं। अभिषेक बनर्जी ने टॉप कोर्ट में अपनी अर्जी में हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच के 20 जुलाई के आदेश को चुनौती दी है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित धमकाने वाले बयानों से जुड़े एक मामले में बनर्जी को जबरदस्ती कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले 27 अप्रैल को एक पब्लिक मीटिंग में धमकाने वाले बयान दिए थे। विरोधी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उन्हेोंने FIR रद्द करने की मांग की थी।
