पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन के अंत के बाद 4 मई को सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी सरकार के आगामी 19 अगस्त को 100 दिन पूरे हो रहे हैं। इस विशेष अवसर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रगति की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 से 22 अगस्त तक तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर आ सकते हैं। 21 और 22 अगस्त को उनके कई सरकारी और संगठनात्मक कार्यक्रम तय किए गए हैं। इस दौरे के दौरान गृह मंत्री राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य की पहली बीजेपी सरकार के 100 दिनों के कामकाज और विकास परियोजनाओं की गति का आकलन करना है। नबन्ना में होने वाली प्रशासनिक बैठकों में राज्य की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी गृह मंत्री के समक्ष सरकार की प्राथमिकताओं और अब तक की उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। प्रशासनिक कार्यक्रमों के अलावा, अमित शाह का यह दौरा बंगाल बीजेपी की आंतरिक राजनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान वे बंगाल बीजेपी की कोर कमेटी और विस्तारित राज्य समिति की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी। सत्ता में आने के बाद से ही बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने और पार्टी में अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए है। वसूली और दल विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में अब तक 250 से अधिक कार्यकर्ताओं को निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में न आने से शीर्ष नेतृत्व में असंतोष है। इसके लिए कई जिलाध्यक्षों की विफलता को जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही 12 से अधिक जिलाध्यक्षों को पद से हटाया जा सकता है। ऐसे संवेदनशील माहौल में अमित शाह की मौजूदगी राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है।

By UJAGAR

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