दिनेश शर्मा ने मंगलवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 14वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली। श्री विजय पुरम यानी पूर्व पोर्ट ब्लेयर स्थित लोक निवास में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती ने दिनेश शर्मा का ‘नियुक्ति वारंट’ पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नौकरशाहों के अलावा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और व्यापार जगत से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। दिनेश शर्मा 13 सितंबर को अपनी पत्नी जय लक्ष्मी शर्मा के साथ नई दिल्ली से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पहुंचे थे। इसके बाद मंगलवार को आयोजित समारोह में उन्होंने उपराज्यपाल पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन ने 5 सितंबर को दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा की थी। उन्होंने एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी. के. जोशी की जगह ली है। दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लखनऊ के पूर्व महापौर रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वह लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर के रूप में भी काम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए उनके पास उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।भारतीय जनता पार्टी के नेता दिनेश शर्मा वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। अब उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिनेश शर्मा ने एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी. के. जोशी का स्थान लिया है। डी. के. जोशी 8 अक्टूबर 2017 से अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत थे। शपथ ग्रहण के साथ ही दिनेश शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से संभाल ली है।
