स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली दो फ्लाइट में 24 घंटे से ज्यादा की देरी के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे इंतजार से परेशान यात्रियों ने टर्मिनल में विरोध-प्रदर्शन किया और एयरलाइन से उड़ान का स्पष्ट समय बताने की मांग की। यात्रियों का आरोप है कि फ्लाइट का शेड्यूल बार-बार आगे बढ़ाया गया। इसके चलते उन्हें लंबे समय तक एयरपोर्ट टर्मिनल में ही फँसा रहना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान यात्रियों ने खाने और जरूरत पड़ने पर होटल की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई। जानकारी के मुताबिक, स्पाइसजेट की एक दुबई जाने वाली फ्लाइट सोमवार सुबह रवाना होनी थी। लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी विमान उड़ान नहीं भर सका। वहीं, दूसरी फ्लाइट सोमवार रात की थी। वह भी तय समय पर रवाना नहीं हुई और एयरपोर्ट पर ही खड़ी रही। दोनों उड़ानों में देरी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि उन्हें बार-बार नया समय बताया गया, लेकिन उड़ान कब रवाना होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लगातार बढ़ती देरी से नाराज यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल में धरना दिया। यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने और जल्द से जल्द उड़ान संचालित करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे यात्रियों का कहना था कि वे घंटों से एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे हैं। कई यात्रियों के लिए लंबे समय तक टर्मिनल में रहना मुश्किल हो गया। उन्होंने एयरलाइन से यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की। यात्रियों ने स्पाइसजेट से मांग की कि जब तक उड़ान रवाना नहीं होती, तब तक जरूरत के मुताबिक भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, यदि देरी और बढ़ती है तो यात्रियों के लिए होटल की व्यवस्था भी की जाए। यात्रियों ने यह भी कहा कि एयरलाइन को बार-बार समय बदलने के बजाय उड़ान की वास्तविक स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, ताकि वे आगे की यात्रा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की योजना बना सकें। प्रदर्शन के समय तक स्पाइसजेट की ओर से फ्लाइट में देरी की कोई विस्तृत सार्वजनिक वजह सामने नहीं आई थी। यही कारण है कि यात्रियों में नाराजगी और बढ़ गई। हालांकि, उड़ान में देरी के पीछे तकनीकी समस्या, परिचालन संबंधी कारण या अन्य वजह है, इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। एयरलाइन की ओर से स्पष्ट जानकारी आने के बाद ही देरी की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। लंबी देरी से परेशान यात्री एयरलाइन के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यात्रियों की शिकायतों के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA मामले की जांच कर सकता है। ऐसे मामलों में यात्रियों को अपनी टिकट, बोर्डिंग पास, एयरलाइन के संदेश और देरी से संबंधित अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। ये दस्तावेज शिकायत दर्ज कराने और मामले की जांच में मददगार हो सकते हैं।फिलहाल यात्रियों की मुख्य मांग है कि स्पाइसजेट उड़ान का स्पष्ट समय बताए और लंबे इंतजार के दौरान यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए।
