वित्तीय अनियमितता से जुड़े एक चर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी की कई टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ कोलकाता और नदिया जिले के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं, जहां एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। जांच के दायरे में आए स्थानों में पार्क स्ट्रीट, शेक्सपियर सरणी, खिदिरपुर, बड़ा बाजार, राजारहाट-न्यू टाउन और साल्ट लेक शामिल हैं। इसके अलावा नदिया जिले में भी कई ठिकानों पर तलाशी ली गई। सुबह से ही इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अधिकारियों ने दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी जांच की। ईडी की यह कार्रवाई पूर्व विधायक और पूर्व बिधाननगर नगर निगम चेयरमैन सब्यसाची दत्त से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल वह राज्य पुलिस द्वारा दर्ज आर्थिक अनियमितता के मामले में न्यायिक हिरासत में है। शुक्रवार की कार्रवाई में उनके करीबी कारोबारियों और परिचितों के घरों तथा कार्यालयों को भी जांच के दायरे में लिया गया। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर अवैध धन को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया। जांच का फोकस बेनामी संपत्तियों, व्यावसायिक निवेश, बैंकिंग लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों पर है। अधिकारियों का मानना है कि तलाशी से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं। इस मामले में इससे पहले भी जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिल चुकी है। पुलिस ने सब्यसाची दत्त से जुड़े ठिकानों से बड़ी मात्रा में सोना बरामद करने का दावा किया था। इसके अलावा उनके और उनकी पत्नी के कई बैंक खातों को फ्रीज कर करोड़ों रुपये की नकदी और सावधि जमा (एफडी) को जब्त किया गया था। अब ईडी यह जांच कर रही है कि इन संपत्तियों और निवेश का स्रोत क्या था तथा इनके पीछे किस तरह का वित्तीय नेटवर्क काम कर रहा था। ईडी की टीम तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

By UJAGAR

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