झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार, 10 अगस्त को प्रस्तावित ‘विधानसभा घेराव’ को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दूसरी ओर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने युवाओं से एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है। रांची में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ही एकमात्र विकल्प है। राज्य सरकार द्वारा सीआईडी (CID) जांच के प्रस्ताव को खारिज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जांच एजेंसियां मामलों को रफा-दफा करने के लिए जानी जाती हैं। छात्र नेताओं ने सरकार के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें 98 प्रतिशत मांगें मानने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए 13 परीक्षा विवादों में से सरकार ने केवल 3 परीक्षाएं ही रद की हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए नए विधानसभा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है। रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। इसके तहत इस क्षेत्र में बिना अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी नागरिक या छात्र को नुकसान से बचाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने की अपील की।
