JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची में चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को 18वें दिन और ज्यादा तेज हो गया। 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए कूच किया और जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग को पार कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर आगे बढ़ने लगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने शहीद मैदान से झारखंड हाई कोर्ट तक कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। प्रशासन की ओर से विधानसभा परिसर के आसपास धारा 163 लागू की गई है। जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने तीन लेयर वाली बैरिकेडिंग को पार कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर की ओर जाने वाले शॉर्टकट रास्ते से भी आगे बढ़ते नजर आए। पुलिस ने शहीद मैदान से हाई कोर्ट तक कुल आठ बैरिकेडिंग तैयार की हैं। मुख्य रास्ते पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के बाद पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य पांच बैरिकेडिंग में एक जगन्नाथपुर मंदिर के प्रवेश द्वार के पास, दूसरी और तीसरी साईं मंदिर व ऋषभ नगर की ओर जाने वाले रास्ते के आसपास, चौथी जगन्नाथनगर कॉलेज के सामने और पांचवीं झारखंड हाई कोर्ट के पास लगाई गई है। मौके पर एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा बलों का नेतृत्व कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से विधानसभा की ओर रवाना हुए। बाद में उनके सहयोगियों ने उन्हें कंधे पर उठाकर एचईसी स्थित शहीद मैदान तक पहुंचाया। छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक पूरी तरह सहमति नहीं बनी है। खास तौर पर सीबीआई जांच और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।छात्र आंदोलन के समर्थन में भाजपा नेताओं ने भी प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई विधायकों और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें खेलगांव ले जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन विपक्ष के सदस्य कार्यवाही में मौजूद नहीं रहे। विधानसभा घेराव से एक दिन पहले रविवार को झारखंड सरकार की चार मंत्रियों वाली कमेटी और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई थी। करीब छह घंटे चली वार्ता के बाद भी छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने दावा किया था कि सरकार छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमत है, लेकिन दो प्रतिशत मुद्दे अभी भी बाकी हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा रद्द करना और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच शामिल है। सरकार की मंत्रियों वाली कमेटी ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति नहीं दी। सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा झारखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित हुई है, इसलिए इसे रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। हालांकि, सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित करने पर सहमति जताई है। वार्ता में सरकार ने JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025 को रद्द करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा JPSC में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रही CID जांच में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने और मामले के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने पर भी सहमति बनी है। छात्रों की मांग पर सरकार ने यह भी कहा है कि यदि CID जांच में वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आए हैं तो उसकी जांच के लिए ED से अनुरोध किया जाएगा। हालांकि, छात्रों की कुछ अन्य परीक्षाओं को रद्द कर उनकी CBI जांच कराने की मांग पर सरकार ने न्यायिक जांच का विकल्प रखा है। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार के लिए IIT-ISM और XLRI के विशेषज्ञों की कमेटी गठित करने का प्रस्ताव दिया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली, चयन प्रक्रिया और दोनों भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी। सरकार का कहना है कि इन सुझावों के आधार पर व्यापक परीक्षा सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद मुख्य मांगों पर पूर्ण सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी है। छात्रों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होता है तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किया जाएगा। अब सोमवार को बैरिकेडिंग पार कर छात्रों के विधानसभा की ओर बढ़ने के बाद रांची में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन के सामने एक तरफ विधानसभा की सुरक्षा और दूसरी तरफ आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।
