किश्तवाड़ में गुरु-शिष्या के रिश्ते और भरोसे को तार-तार करने वाली एक घटना ने समाज को झकझोर दिया है। आरोप है कि सरकारी स्कूल का मुख्य शिक्षक 14 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न करता रहा। इससे मासूम गर्भवती हो गई। बाद में पंचायती स्तर पर मामला दबाने का प्रयास किया गया। इलाज के लिए ले जाते हुए किशोरी की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए किशोरी का अवैध रूप से गर्भपात कराने का प्रयास किया गया। इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना से गुस्साए स्थानीय व्यापारियों ने शुक्रवार को दुकानें बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। शनिवार को भी बंद का एलान किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित शिक्षक खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उसे निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वजन ने बताया कि छात्रा का परिवार उसका गर्भपात कराने के लिए पहले किश्तवाड़ और फिर डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहाँ गर्भपात नहीं होने के बाद परिजन उसे जम्मू की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान बटोत की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने उसके गर्भ से करीब चार माह का भ्रूण निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दस दिन पूर्व छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए चिकित्सक के पास ले जाया गया। उसके बाद छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी मिली। आरोप है कि मामला खुलने के बाद परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास हुआ। गुरुवार को छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी और उसके बाद इलाज के लिए ले जाते हुए उसकी मौत हो गई। यह समाचार सामने आने के बाद छात्रू में बड़ी संख्या में लोग व विद्यार्थी एकत्र हुए और आरोपित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने मामला दर्ज कर शिक्षक खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने शनिवार को छात्रू और मुगल मैदान में प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया है। बता दें कि इससे पहले, ऐसे ही एक मामले में डोडा में मदरसे के मौलवी नासिर मजीद पर भी एक नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा था। इस मामले में भी आरोपित के खिलाफ पाक्सो के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था।
