उत्तर कोलकाता के चितपुर स्थित 11, नवाब पट्टी स्ट्रीट पर रविवार सुबह एक बंद केमिकल और प्लाईवुड गोडाउन में अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां, कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन समूह (DMG) की टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। घनी आबादी वाले इलाके में स्थित दो मंजिला गोडाउन से उठते काले धुएं और केमिकल की तेज गंध के कारण स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। दमकलकर्मियों और आपदा प्रबंधन टीम ने गैस कटर से लोहे का गेट काटकर युद्ध स्तर पर अभियान चलाते हुए आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है। पुलिस और दमकल सूत्रों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी वहां दो पास-पास गोडाउन स्थित हैं—एक में बनियान (गैंजी) व प्लाईवुड और दूसरे में केमिकल की बोरियां रखी हुई थीं। गोडाउन बंद होने के कारण राहत कर्मियों को अंदर पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। आपदा प्रबंधन दल (DMG) के सदस्यों ने गैस कटर लाकर लोहे का मुख्य गेट काटा, जिसके बाद दमकलकर्मी अंदर प्रवेश कर सके। समय पर की गई इस त्वरित कार्रवाई से आग को आसपास की इमारतों में फैलने से रोक दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही काशीपुर-बेलगाछिया के स्थानीय विधायक रीतेश तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि दो मंजिला गोडाउन के निचले हिस्से में भारी मात्रा में केमिकल की बोरियां रखी थीं, जिसकी वजह से पानी डालते ही गाढ़ा धुआं निकलने लगा। विधायक ने कहा, “यह एक औद्योगिक इलाका है, लेकिन डरने की कोई बात नहीं है। दमकल और पुलिस प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में कर लिया है।” कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ डिवीजन) सायंत दास ने बताया कि हादसे के वक्त गोडाउन के अंदर कोई भी कर्मचारी फंसा हुआ नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस व्यावसायिक परिसर में उचित अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguishers) मौजूद थे या नहीं। इसके साथ ही गोडाउन के मालिक की तलाश की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कारखाने का मालिकाना हक एक व्यक्ति के पास है या इसमें कई साझेदार हैं। फिलहाल आग पूरी तरह से बुझ चुकी है और कूलिंग प्रोसेस जारी है। चितपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की फॉरेंसिक टीम आग लगने के वास्तविक कारणों—जैसे शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी—की गहन जांच कर रही है।

By UJAGAR

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