पश्चिम बंगाल चुनावों में करारी शिकस्त और पार्टी के बगावत के झेल रही ममता बनर्जी बुधवार को अपने पुराने रूप में दिखाई दीं। उन्होंने कोलकाता के धर्मतला में एक प्रदर्शन में भाग लिया। इस विरोध प्रदर्शन में टीएमसी की सांसद डोला सेन और दूसरे नेता भी मौजूद रहे। ममता बनर्जी ने हाकरों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने बिन पुर्नवास के ही बेदखल किए जाने के विरोध किया। यह पहला मौका है जब राज्य में सत्ता गंवाने के बाद जनता से जुड़े मुद्दे पर ममता बनर्जी सड़क पर उतरी हैं। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने चुनावों में 80 सीटें जीती थीं। इसमें 58 से 60 विधायक बागी हुए हैं। जबकि 28 सांसदों में 20 ने बगावत की है। इससे पहले जब अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला हुआ था तब ममता बनर्जी हॉस्पिटल पहुंची थीं। धर्मतला में प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के साथ विधायक कुणाल घोष और सांसद डोला सेन मौजूद रहीं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर एग अटैक के बीच ममता बनर्जी जहां सड़क पर उतरी और प्रदर्शन में शामिल हुईं तो वहीं दूसरी धर्मतला में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रही। ममता बनर्जी ने रेहड़ी-पटरी वाले हॉकर्स को बिना किसी पुनर्वास के हटाया जा रहा है। यह गलत है। ममता बनर्जी के साथ चल रहे टीएमसी नेताओं ने विरोध के लिए बनाए गए बैनर को गले में लटकाया। धर्मतला कोलकाता के मध्य में पड़ता है। यह पश्चिम बंगाल का एक ऐतिहासिक, वाणिज्यिक और सांस्कृतिक केंद्र है। एस्प्लेनेड के रूप में भी जाना जाने वाला यह क्षेत्र अपनी औपनिवेशिक वास्तुकला, सस्ते बाजारों, जीवंत परिवहन व्यवस्था और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड के लिए बेहद प्रसिद्ध है। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर विधायक कुणाल घोष पर अंडे से हमला होने की घटना के बाद अब अस्थायी व्यू कटर लगाया गया है।
