पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हुगली के तारकेश्वर में भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भारी जनसमूह उमड़ा और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री को बंगाल की प्रसिद्ध मिठाइयों रसगुल्ला और जलभरा संदेश के साथ तारकेश्वर शिवलिंग एवं डोकरा कला से निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर तारकेश्वर पहुंचा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। “वंदे मातरम्” के स्वर और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया गया। सरकारी कार्यक्रम के मंच पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री को बंगाल की पहचान माने जाने वाले रसगुल्लों का मटका और प्रसिद्ध जलभरा संदेश भेंट किया। इसके अलावा तारकेश्वर की धार्मिक महत्ता को दर्शाने वाला शिवलिंग तथा पारंपरिक डोकरा कला से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा भी उन्हें उपहार स्वरूप प्रदान की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पहली बार 20 जून को आधिकारिक रूप से पश्चिम बंगाल दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने इस दिन को पश्चिम बंगाल दिवस के रूप में स्वीकार नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में घोषणा की कि हुगली के जिराट स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक घर का पुनर्निर्माण किया जाएगा। वहां एक स्मारक और पुस्तकालय भी बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापना के लिए चयनित भूमि पर भूमिपूजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व, राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी चर्चा की गई।

By UJAGAR

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