सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच पश्चिम सिक्किम के रिम्बी गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ है। युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र में पहाड़ से भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और मलबा नीचे की ओर आ गया। भूस्खलन के बाद इलाके में नुकसान की स्थिति बनी हुई है और आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खिसकने का खतरा अभी भी बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूस्खलन के बाद रिम्बी में बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे की ओर बहकर आई हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ की मिट्टी के और खिसकने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। लोगों को भूस्खलन प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। सिक्किम सरकार के अनुसार, इससे पहले रिम्बी में हुए भूस्खलन के बाद मलबा NiK Kholsa स्ट्रीम के पास जमा हो गया था। बारिश के दौरान पानी के साथ यह मलबा गांव की ओर बह रहा था, जिससे आसपास के इलाकों में नुकसान का खतरा बढ़ गया था। लगातार बारिश के कारण स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही एहतियाती कदम उठाए थे। सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) के मुताबिक, रिम्बी में 28 घरों में रहने वाले 128 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। प्रभावित परिवारों को राहत और जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित रखना है। भूस्खलन और लगातार बारिश का असर सिक्किम के सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। रिम्बी-युक्सोम मार्ग पर कई जगह मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। सड़क संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा NH-10 और सिंगतम-रंगपो मार्ग पर भी मलबा गिरने से आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार बारिश के कारण तीस्ता नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। इसके चलते निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रख रहा है। बारिश जारी रहने की स्थिति में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। SSDMA ने लोगों से सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों और जमा हुए मलबे के पास नहीं जाने की अपील की है। बारिश के दौरान नदी, नाले और अन्य जलधाराओं के पास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से जमीन में नई दरार दिखाई देने, मिट्टी खिसकने, पानी के बहाव में अचानक बदलाव या किसी असामान्य आवाज को नजरअंदाज नहीं करने को कहा है। ऐसे संकेत मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी गई है।
