कटक स्थित श्रीराम चंद्र भंजा (एससीबी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 16 मार्च को लगी भीषण आग की घटना के बाद ओडिशा सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को कथित लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को राज्य के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के निर्देश पर जिन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, उनमें कटक सर्कल के उप अग्निशमन अधिकारी प्रकाश कुमार जेना, सहायक अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार बेहरा, एससीबी मेडिकल कॉलेज के स्टेशन अधिकारी अभिनव प्रुस्टी कटक जीईडी अंतर्गत एससीबी उप-मंडल के सहायक कार्यकारी अभियंता रंजन कुमार बिस्वाल शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आग से सुरक्षा प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत मिला है। आशंका जताई जा रही है कि इन कमियों ने हादसे की भयावहता को बढ़ाने में भूमिका निभाई। घटना में कई लोगों की मौत के बाद राज्यभर में सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक तथ्य-जांच समिति का गठन किया था। समिति को आग लगने के कारणों का पता लगाने, प्रशासनिक व तकनीकी स्तर पर कमियों की पहचान करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस सुधारात्मक उपाय सुझाने का दायित्व सौंपा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ बनाया जा सके और मरीजों व कर्मचारियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके। दरअसल, SCB मेडिकल कॉलेज में 14-15 मार्च की दरमियानी रात करीब 3 बजे आग लगी थी। हादसे में मरने वाले मरीजों की संख्या 12 हो गई है। इनमें से 7 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, 5 की मौत इलाज के दौरान हुई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था।
