तमिलनाडु में हाल ही में विधानसभा चुनाव खत्म हुए हैं। बंगाल इलेक्शन के पहले फेज के साथ ही एमके स्टालिन के राज्य की 234 असेंबली सीटों पर वोटिंग खत्म हो गई है। इस बीच, कल (शुक्रवार) शिवगंगा जिले की एक कोर्ट ने नाबालिगों से रेप के आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे रेयर सज़ा सुनाई है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने दो साल पहले 5 नाबालिगों से रेप के लिए आरोपी को पांच बार मौत की सज़ा, चार बार उम्रकैद और 22 साल की एक्स्ट्रा जेल की सज़ा सुनाई है। नाबालिगों के खिलाफ किए गए क्राइम की सीरियसनेस को देखते हुए जज ने यह रेयर सज़ा सुनाई है। आरोपी को कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपी का नाम चंद्रन है। वह शिवगंगा जिले के सिंगमपुनारी इलाके का रहने वाला है। पीड़िता नाबालिगों को वीडियो गेम खेलने का लालच देती थी। वह वहां अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। बाद में, वह उनका सेक्शुअल अब्यूज़ करता था। आरोप है कि उसने तिरुपत्तूर के आसपास पांच नाबालिग लड़कियों पर सेक्शुअल असॉल्ट किया। पता चला है कि चंद्रन के खिलाफ तिरुपत्तूर महिला पुलिस स्टेशन में 4 फरवरी, 2024 को केस दर्ज किया गया था। यह केस POCSO एक्ट और इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 506(1) (आपराधिक धमकी और डराना-धमकाना) के तहत दर्ज किया गया था। इसी केस के आधार पर पुलिस ने पूरी जांच शुरू की। बाद में इसी केस के आधार पर चंद्रन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस केस का ट्रायल पिछले दो साल से चल रहा था। इसी सिलसिले में कल शिवगंगा की POCSO कोर्ट में इस केस का फैसला सुनाया गया। जज ने केस के दोषियों के लिए फैसला सुनाया। चंद्रन को पांच बार मौत की सजा, उम्रकैद और 22 साल (अतिरिक्त) कैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, जज गोकुल मुरुगन ने कुल 35 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। जिसमें से कहा गया है कि पांचों पीड़ित लड़कियों के परिवारों को 7-7 लाख रुपये दिए जाएंगे।
