पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। मनोज अग्रवाल हाल ही में राज्य में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में SIR की देख रहे थे। मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी हैं। बंगाल में हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भी उनकी खुलकर तारीफ की थी। विधानसभा चुनाव के दौरान मनोज अग्रवाल राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पद पर थे। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 11 मई, 2026 को जारी आदेश में कहा गया, ‘मनोज कुमार अग्रवाल को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) बनाया गया है. इस नियुक्ति से पहले वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होता है और अगले आदेश तक वे इस पद पर बने रहेंगे.’ सरकारी आदेश में कहा गया कि यह नियुक्ति पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के आदेश पर की गई है. इससे पहले पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था. वह 1990 बैच के अधिकारी हैं और राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष रोल ऑब्जर्वर (SRO) थे. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले हैं. उन्होंने में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से लेकर विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक बड़ी जिम्मेदारी निभाई थी. पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच पोर्टफोलियो के बंटवारे की खबर सामने आई है. दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशुधन विभाग दिया गया है, जबकि अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग और खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग दिया गया है. इसके साथ ही निसिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण विभाग सौंपा गया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गृह विभाग अपने पास रखा है. इससे पहले पश्चिम बंगाल के नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई. इसमें बांग्लादेश के साथ वर्तमान में बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 45 दिनों के भीतर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *