ऐसे समय में जब तृणमूल कांग्रेस के अंदर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर गुस्से की आग जल रही है, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली के बंगभवन में तृणमूल MLA रीताब्रत बनर्जी से अचानक हुई मुलाकात राज्य की राजनीति में नए समीकरण का संकेत दे रही है। हालांकि दोनों पक्षों ने इसे महज ‘शिष्टाचार मुलाकात’ बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर चर्चा का पारा चढ़ा हुआ है। रीताब्रत बनर्जी शुक्रवार दोपहर को MP के तौर पर अपना बंगला और दूसरे डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए दिल्ली में थे। लंच के लिए बंगभवन जाते समय उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और विपक्षी खेमे के नेता शुभेंदु अधिकारी से हुई। सूत्रों के मुताबिक, शुभेंदु उस समय BJP हेडक्वार्टर से बंगभवन आए थे। मुख्यमंत्री ने MLA रीताब्रत से नमस्ते-नमस्ते किया और उन्हें ‘MLA साहेब’ कहकर बुलाया। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने विकास के लिए MLAs के साथ मीटिंग का इशारा किया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी मीटिंग बहुत जल्द बुलाई जाएगी और रीताब्रत को उसमें बुलाया जाएगा। जवाब में रीताब्रत ने बस इतना कहा, “देखेंगे।” सिर्फ़ 40 सेकंड की यह बातचीत अब पॉलिटिकल जानकारों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। रीताब्रत के हालिया रुख़ की वजह से इस मीटिंग की अहमियत और बढ़ गई है। पिछले दो दिनों से वे अपनी पार्टी के भ्रष्ट नेताओं के ख़िलाफ़ मुखर रहे हैं और पार्टी को 15 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। क्या पार्टी के भ्रष्टाचार पर सार्वजनिक रूप से बगावत का ऐलान करने के ठीक बाद मुख्यमंत्री से उनकी मुलाक़ात सिर्फ़ एक इत्तेफ़ाक है? इस सवाल के जवाब में रीताब्रत ने कहा, “यह पूरी तरह से अचानक हुई मीटिंग थी। मैं दोपहर में दिल्ली आया था, एक MP के तौर पर मुझे जो बंगला और दूसरे डॉक्यूमेंट्स मिले थे, उन्हें जमा करने। मैं लंच के लिए बंगभवन गया था। उस समय मैं मुख्यमंत्री से मिला। वे राज्य के मुख्यमंत्री हैं। हमने 40 सेकंड तक बात की। अगर किसी को इसमें सीक्रेट मीटिंग की थ्योरी मिल सकती है, तो मिल सकती है।” हालांकि, यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि पार्टी के अंदर बगावत का सामना कर रहे विपक्षी MLA के साथ मुख्यमंत्री की बातचीत को लेकर लग रही अटकलें जल्द ही खत्म नहीं होने वाली हैं।

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