पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद भाजपा सरकार ने बुधवार को अपनी तीसरी कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पिछली सरकार ने कोरोना काल में मां कैंटीन शुरू की थी। यहां पांच रुपये में भोजन मिलता था। कैबिनेट ने फैसला किया है कि यह योजना जारी रहेगी, लेकिन इस योजना का नाम बदलकर मां आहार होगा। कैबिनेट सदस्य दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि अब पहले से ज्यादा जगहों पर पांच रुपये में खाना मिलेगा। पहले यह सुविधा 390 जगहों पर थी, जिसे बढ़ाकर अब 500 केंद्र कर दिया गया है। यानी 110 नए केंद्र खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना को लेकर भी बड़ी घोषणा की। बुधवार को 28,25,769 लोगों के खातों में इस योजना का पैसा भेजा गया। शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि अब आवेदकों को फॉर्म की जांच के बाद ही पैसा मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने पांच महिलाओं को 3,000-3,000 रुपये के चेक भी सौंपे। सरकार ने पश्चिम बंगाल दिवस की तारीख में भी बदलाव किया है। अब यह पोइला बैसाख के बजाय 20 जून को मनाया जाएगा। दिलीप घोष ने बताया कि छह जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनकी नई मूर्ति लगाई जाएगी। इसके लिए जगह का चयन जल्द होगा। इस बैठक में सीमा सुरक्षा को लेकर भी कई अहम फैसले हुए। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ (BSF) को नौ जगहों पर 31.905 एकड़ जमीन दी गई है। दक्षिण दिनाजपुर में भी 11 जगहों पर बाड़ लगाने के लिए 12.721 एकड़ जमीन ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा, सुरजीत नाथ मित्रा को पश्चिम बंगाल का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है। रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए नागराकाटा में जमीन देने की मंजूरी मिली है। सेवक-रंगपुर ब्रॉड गेज लाइन के लिए भी निजी जमीन रेलवे को दी जाएगी। सरकार ने सीवेज कर्मचारी की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उनकी मृत्यु या विकलांगता पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ा दिया है। एससी, एसटी और ओबीसी विकास निगम में 354 नए पद बनाए जाएंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री के कार्यकारी सहायकों का वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है।
