अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में लगातार बारिश के कारण बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई. इससे निचले इलाकों में पानी भर गया और 18 घरों को नुकसान पहुंचा. साथ ही, नेशनल हाईवे पर भूस्खलन से गाड़ियों की आवाजाही रुक गई और कई लोग फंस गए. बाढ़ और लैंडस्लाइड से छह ज़िलों का संपर्क टूट गया है. वहीं पांच लोग लापता हैं, जबकि 17 लोग घायल हो गए हैं. प्रभावित ज़िलों में अपर सुबनसिरी, कामले, लोअर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, क्रा दादी और केई पन्योर शामिल हैं. इससे पहले राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि यजाली सर्कल के तहत पूसा के पास नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन लोग लापता हो गए. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण बन रही एक रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) गिर गई और कॉलोनी व उसके आस-पास के निचले रिहायशी इलाकों में भारी मात्रा में पानी भर गया. अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास नेशनल हाईवे 315 के आसपास कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुई. बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में जॉयपुर के पास नेशनल हाईवे का हिस्सा और अरुणाचल प्रदेश के तिरप में एनएच 315 (A) का देउमाली-कुंसा कनेक्टिंग पॉइंट लैंडस्लाइड से प्रभावित हुआ. डिब्रूगढ़ जिले में दिहिंग पटकाई सेंचुरी से गुजरने वाले हाईवे को पिछले साल चौड़ा किया गया था. जॉयपुर में हाईवे पर तीन जगहों पर लैंडस्लाइड की खबर है. हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और मंगलवार से शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक इसे पूरी तरह बंद रखा गया. गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले के खुंसा, देउमाली, सोहा और नामसांग के लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी हाईवे से असम के डिब्रूगढ़ और नाहरकटिया आते-जाते हैं. इलाके के लोगों ने कहा, ‘किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए हाईवे अथॉरिटी से हाईवे को तुरंत ठीक करने की अपील की गई है.’

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