भारतीय संसदीय लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर अधिक परिपक्व और जवाबदेह बनाने की दिशा में शुक्रवार बंगाल एक महत्वपूर्ण आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शुक्रवार को राजारहाट न्यूटाउन स्थित कन्वेंशन सेंटर में करेंगे। उद्घाटन सत्र में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी सहित देश व राज्य की कई शीर्ष राजनीतिक विभूतियां मौजूद रहेंगी। यह कार्यक्रम केवल औपचारिक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि विधायकों को प्रभावी जनप्रतिनिधि के रूप में तैयार करने का एक संगठित प्रयास है। तकनीकी सत्रों में संसदीय परंपराएं, विधायी प्रक्रियाएं, प्रश्नकाल के जरिए सरकार की जवाबदेही तय करना, समिति प्रणाली, निजी सदस्य विधेयक, बजटीय कार्यवाही और संसदीय विशेषाधिकार जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही ‘राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा)’ के माध्यम से डिजिटल विधायिका की दिशा में बढ़ते कदमों पर भी फोकस रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल विधायकों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाते हैं। लोकसभा सचिवालय के ‘प्राइड’ संस्थान और बंगाल विधानसभा के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह पहल राज्यों में विधायी गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक माडल बन सकती है। कार्यक्रम का समापन चार जुलाई शनिवार को विधानसभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में राज्यपाल आरएन रवि के संबोधन के साथ होगा, जहां फिर एक बार लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।

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