वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट के पलटने से 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। हादसे के समय नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के सदस्य सवार थे। दुर्घटना के बाद बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। फू क्वोक के पास हॉन मे रुत द्वीप से अन थोई बंदरगाह लौट रही स्पीडबोट तेज लहरों और खराब मौसम के बीच अचानक पलट गई। हादसे के बाद नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। स्थानीय नौकाओं, कोस्ट गार्ड और बचाव एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें 21 लोगों को जीवित बचा लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों के साथ हुई नाव दुर्घटना बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं तथा भारतीय अधिकारी वियतनामी प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। हादसे के बाद हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। दूतावास ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं समन्वय कार्य जारी रखा है। वियतनाम सरकार ने हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के समय समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें थीं। अधिकारियों ने नाव पलटने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और समुद्री सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जा रही है। कांग्रेस ने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि हादसे में प्रभावित भारतीय परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। पार्टी ने लापता और घायल भारतीय नागरिकों के परिजनों की मदद के लिए सरकार से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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