चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले फिर से राज्य प्रशासन के अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया है। रविवार को चुनाव आयोग ने नंदीग्राम के दो ब्लॉक समेत राज्य के कुल 83 ब्लॉक के BDO और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के ट्रांसफर का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि चीफ इलेक्शन ऑफिसर के ऑफिस से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर यह मंजूरी दी गई। सिर्फ एक मामले में बदलाव नहीं किया गया। यह फेरबदल उत्तर से दक्षिण बंगाल तक राज्य के लगभग सभी जिलों के कई ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्रों में किया जा रहा है। कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया, बीरभूम समेत कई जिलों में BDO और ARO का ट्रांसफर किया गया है। सबसे ज्यादा BDO और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर का ट्रांसफर पूर्व मेदिनीपुर में किया गया है। इस जिले में 14 BDO और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर का ट्रांसफर किया गया है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना है। इस जिले में 11 लोगों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा कूचबिहार में तीन, जलपाईगुड़ी में चार, उत्तर दिनाजपुर में एक, दक्षिण दिनाजपुर में एक, मालदा में छह, मुर्शिदाबाद में चार लोगों का तबादला किया गया है। नदिया में पांच, उत्तर 24 परगना में सात, हुगली में चार, हावड़ा में एक, पश्चिम मिदनापुर में दो, पुरुलिया में तीन, बांकुड़ा में चार, पूर्व बर्दवान में सात, पश्चिम बर्दवान में एक और बीरभूम में चुनाव आयोग ने छह बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का तबादला किया है। दूसरी ओर, रविवार को नबन्ना ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि चार रिटर्निंग अधिकारियों को अन्य विधानसभा क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने गुरुवार रात राज्य के 14 विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों का तबादला कर दिया। आयोग के सूत्रों के अनुसार गुरुवार रात राज्य के 9 जिलों के 14 रिटर्निंग अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनकी नियुक्ति आयोग ने पिछले सोमवार को की थी। पांच दिनों के बाद रिटर्निंग अधिकारियों को उनके कर्तव्यों से हटा दिया गया। रिटर्निंग अधिकारियों के तबादले के मामले में सबसे ज्यादा बदलाव पूर्व मेदिनीपुर जिले में किए गए। वहां पांच चुनाव क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर बदल दिए गए। इसके अलावा, आयोग ने नौ चुनाव क्षेत्रों में नए रिटर्निंग ऑफिसर भी नियुक्त किए। इसमें राज्य के विपक्षी नेता शुवेंदु अधिकारी का चुनाव क्षेत्र नंदीग्राम भी शामिल है। तृणमूल ने आरोप लगाया कि आयोग चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने के नाम पर अपने पसंदीदा लोगों को चुनाव की जिम्मेदारी देकर एक खास पार्टी को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

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