कमीशन ने प्रोफेसरों को पोलिंग ऑफिसर बनाने का फैसला किया है। इसके खिलाफ कोलकाता हाई कोर्ट में केस फाइल किया गया था। उस केस में इलेक्शन कमीशन को कोर्ट में कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। हाई कोर्ट ने उसे नोटिफिकेशन पर सफाई देने का आदेश दिया। केस की सुनवाई जस्टिस कृष्ण राव की बेंच में हुई। जज ने कमीशन से सवाल किया, “आप जब चाहें नोटिफिकेशन जारी कर देंगे? मैं मजाक नहीं कर रहा हूँ। आपके नोटिफिकेशन के अनुसार, इस बार जजों को पोलिंग ऑफिसर बनाइए। आपने जजों को भी अपॉइंट करने का इंतज़ाम कर दिया है। कोई दिक्कत नहीं है। हमें अपॉइंट कर दीजिए। हम पोलिंग ऑफिसर के तौर पर ड्यूटी करने बूथ पर जाएंगे। आप जब चाहें नियम बदल रहे हैं। और आपके अपने डॉक्यूमेंट्स गलतियों से भरे हैं।” कमीशन का तर्क था, “केस पूरी तरह से वोटिंग के खिलाफ फाइल किया गया है। अब नए लोगों को भर्ती करना और उन्हें ट्रेनिंग देना और वोटिंग कराना मुमकिन नहीं है।”

By UJAGAR

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