पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास गुरुवार को बिधाननगर पुलिस के सामने पेश हुए. यह पेशी अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के 2025 के एक कार्यक्रम में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में थी. बिधाननगर साउथ थाने की पुलिस ने शनिवार 13 जून को बंगाल के पूर्व खेल मंत्री को तीसरा नोटिस जारी करते हुए आखिरी अल्टीमेटम दिया था. जिसके बाद, गुरुवार सुबह करीब 9:55 बजे वे बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पहुंचे. यह पूरा मामला इवेंट ऑर्गनाइज़र (कार्यक्रम के आयोजक) सताद्रु दत्ता की एक शिकायत से जुड़ा है. दत्ता ने बिस्वास पर टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया है. यह मामला पिछले साल 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के एक बड़े फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है. इस कार्यक्रम के अंत में दर्शकों के कुछ समूहों ने स्टेडियम के हिस्सों में तोड़फोड़ की थी. दर्शकों का आरोप था कि हजारों रुपये का टिकट खरीदने के बाद भी वे मेसी की एक झलक नहीं देख पाए, क्योंकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों ने मैदान पर मेसी को चारों तरफ से घेर रखा था. अरूप बिस्वास ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. उन्होंने साफ कहा कि वह इस कार्यक्रम के वित्तीय लेन-देन में शामिल नहीं थे. इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए, पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से सशर्त सुरक्षा दी थी. 5 जून को पूर्व मंत्री ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बिधाननगर दक्षिण थाने को पत्र लिखा था और पेश होने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा था. इस बीच, मेस्सी के भारत दौरे के आयोजक ने बुधवार को दावा किया कि इस फुटबॉल स्टार की कम्युनिकेशन टीम ने पुलिस को पत्र लिखकर इस पूरी गड़बड़ी के लिए बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया है.
